
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने एक ऐसा क्रांतिकारी फैसला लागू किया है जिसने सत्ता के अहंकार में चूर पूरे देश के नेताओं की नींद उड़ा दी है। उनके नए आदेश के तहत अब राज्य की सड़कों पर किसी भी मंत्री, वीआईपी या खुद मुख्यमंत्री के काफिले के लिए आम जनता का ट्रैफिक नहीं रोका जाएगा। जहां देश के बाकी हिस्सों में मनुवादी और सामंती सोच वाले नेता अपने लंबे-चौड़े काफिलों के लिए एंबुलेंस और लाचार जनता को घंटों धूप में रोके रखते हैं, वहीं विजय ने साफ कर दिया है कि जनता को किसी भी कीमत पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। वीआईपी प्रोटोकॉल को उखाड़ फेंकने वाला यह ऐतिहासिक कदम बाबासाहेब के समानता के सिद्धांत को सही मायनों में जमीन पर उतारता है और साबित करता है कि लोकतंत्र में असली वीआईपी सिर्फ और सिर्फ आम जनता है।
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